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10 तरीका सही तरह के इंश्योरेंस चुनने का

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Written by admin

10 तरीका सही तरह के इंश्योरेंस चुनने का
सबसे पहले हम इस बात पर चर्चा करते हैं की बीमा होती क्या है। और किन किन स्थितियों में यह हमारे लिए उपयोगी साबित होती है, तो आपको बता दें कि बीमा एक ऐसा साधन होता है जिसके द्वारा हम कुछ शुल्क देकर हानि का जोखिम दूसरे पक्ष पर डाला जा सकता है। इंश्योरेंस वास्तव में बीमाकर्ता और बीमाकृत के बीच एक संबंध है। इसके साथ ही भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान से निपटने का यह मुख्य हथियार है। जिसकी मदद से हम अपने आने वाले कल के नुकसान की भरपाई आसानी से कर सकते हैं।

आखिर सही तरह के इंश्योरेंस बीमा की आवश्यकता क्यों पड़ी?

आखिर सही तरह के इंश्योरेंस बीमा की आवश्यकता क्यों पड़ी? यहां हर किसी को पता है कि हमारा जीवन ना जाने कितनी जोखिम से भरा हुआ है। जो कि हमारे जीवन के साथ-साथ हमारे संपत्ति से भी जुड़ी है।सिर्फ इन चीजों के प्रति सुरक्षा प्राप्त करने को हमें बीमा की आवश्यकता पड़ती है, जो आज के हमारे जीवन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग बन गया है। ठीक इसी तरह यदि आपने घर या स्मार्टफोन का बीमा किया है तो उस चीज के टूटने- फूटने, खोने या क्षति होने की स्थिति में बीमा कंपनी आपको उसके हिसाब से मुआवजा देगी।

बीमा कितने तरह का होता है:-

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  1. जीवन बीमा- इस बीमा का सीधा संबंध जीवन से है। जहा बीमा पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को बीमा कंपनी मुआवजा प्रदान करती है। इसके साथ ही आपको बता दें कि जीना व मरना किसी के हाथ में नहीं होता, ठीक उसी तरह अगर परिवार के मुखिया की असमय मृत्यु हो जाती है जिसके कारण घर का माहौल बिलकुल बिगड़ जाता है तो इस तरह के और समय नुकसान से बचने के लिए सबसे पहली जीवन बीमा का सुझाव दिया जाता है।
  2. स्वास्थ्य बीमा- आज के दौर में इलाज का खर्च इस कदर आसमान छू रहा है कि लोग उसको देने मे असमर्थ हो रहे हैं। जहां ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य बीमा बहुत ही जरूरी होती है। जहां स्वास्थ्य बीमा लेने पर आपके स्वास्थ्य के इलाज का खर्च बीमा कंपनी कवर करती है।जहां आपको किसी भी बीमारी के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी इलाज पर खर्च होने वाली रकम देती है। जिसकी सीमा आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर निर्भर करती है।
    यात्रा बीमा- यह बीमा यात्रा के दौरान होने वाले नुकसान से बचाती है। जिसके दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी काम से यात्रा पर गया हो और उसी बीच उसे कोई चोट लग जाती है, या कोई सामान गुम हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी उसे मुआवजा देती है, लेकिन आपको बता दे कि यात्रा बीमा पॉलिसी आपकी यात्रा शुरू होने से लेकर यात्रा खत्म होने तक ही वैध मानी जाती है।
    फसल बीमा-यह बीमा किसानों के लिए है। जहां कृषि लोन लेने वाले हर किसान को फसल बीमा खरीदना बेहद जरूरी है, क्योंकि फसल बीमा के तहत फसल के किसी भी तरह के नुकसान होने पर बीमा कंपनी किसान को मुआवजा देती है। इसके साथ ही अगर आप की फसल में आग लगने, बाढ़ की वजह से या किसी अन्य तरह से फसल का नष्ट होना आदि इन सब कारणों में बीमा कंपनी की तरफ से किसानों को मुआवजा दिया जाता है।

बीमा की विशेषताएं

जोखिम से सुरक्षा- बीमा जोखिम में एक सशक्त उपाय है जो आपके जीवन में व्यापक सभी अनिश्चितताओ से व्यक्ति को चिंता मुक्त करता है। यह जोखिम जीवन, स्वास्थ्य, संपत्तियों तथा वित्तीय साधनों से संबंधित हो सकता है। जिसके लिए बीमा एकमात्र और एक जरूरी उपाय है जो हमें जो खेतों में सुरक्षा प्रदान करता है।
बीमा एक प्रक्रिया- बीमा एक प्रक्रिया है जो पूर्व निर्धारित विधि से संचालित की जाती है। इसके साथ एक ऐसी प्रक्रिया मानी जाती है जो जोखिमो को समाप्त नहीं करती लेकिन जोखिमो की अनिश्चितता को कम किया जा सकता है,जो बीमा में हानियों को बीमा कंपनी द्वारा मिलने वाली राशि के रूप में निर्धारित कर दिया जाता है।
बीमा के मुख्य चीजें शामिल होती हैं जैसे व्यक्ति की मृत्यु होना, किसी विशेष बीमारी से ग्रसित होना, बीमा अवधि का पूर्ण हो जाना इन सारी स्थितियों जोखिम के प्रति बीमा भुगतान करती है। एक और महत्वपूर्ण बातें जो कुछ लोग बीमा को जुआ समझते हैं तो आपको बता दें कि बीमा कोई जुआ नहीं है।
बीमा करा लेने से किसी व्यक्ति के पैसे जमा करने की चिंता नहीं होती क्योंकि बीमार शुरू से ही बचत करना आरंभ कर देता है। वही आपको बता दें कि आज के इस दौर में मनुष्य के जीवन के साथ-साथ उसका व्यापार भी जोखिम से भरा है। जहां बीमा उन अनिश्चितता को दूर करता है और यह एक सत्य है कि बीमा के कारण ही व्यवसाय और कई उद्योग विकसित हुए हैं। और लोगों के रोजगार से उत्पन्न जोखिम समाप्त होते गए हैं। आपको एक महत्वपूर्ण बात बता दे कि बीमा से करों में छूट मिलती है। जहां चुकाई गई प्रीमियम की राशि पर आयकर में छूट दी जाती है,जो चुकाई गई जा सकती है। इसके साथ ही एक व्यक्ति अपनी आय क्षमता का पूंजीकरण भी करा सकता है जहां वह भविष्य में उसके द्वारा कमाई जा सकने वाली राशि की बीमा करवा सकता है।

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