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INX मीडिया मामले में बुरी तरह से फंसे चिदंबरम, जानिए क्या आरोप हैं

INX मीडिया मामले में बुरी तरह से फंसे चिदंबरम, जानिए क्या आरोप हैं
Written by admin

सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में ही पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया है। आईएनएक्स मीडिया की स्थापना 2006 में पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी द्वारा की गई थी। दोनों ने 13 मार्च 2007 को 304 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश प्रस्ताव को मंजूरी प्राप्त करने के लिए एक आवेदन किया था।

INX मीडिया मामले में बुरी तरह से फंसे चिदंबरम, जानिए क्या आरोप हैं

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। जहां आपको बता दें कि पूरे 30 घंटे की तलाशी के बाद चिदंबरम सीबीआई की पकड़ में आए थे। इस दौरान सीबीआई ने उनसे पूछताछ की। जहां सीबीआई के अफसरों से यह पता चला है कि चिदंबरम पूछताछ में अफसरों का सहयोग नहीं कर रहे हैं और उनके जवाब को टाल रहे हैं।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम

दरअसल चिदंबरम इस मामले में सीबीआई और ईडी के रडार पर थे।उनके खिलाफ इन दोनों एजेंसियों ने लुकआउट नोटिस जारी किया था। जबकि वह मंगलवार शाम से पूर्व केंद्रीय मंत्री अंडर ग्राउंड चल रहे थे। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है और एक नए लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। इतना ही नहीं पी चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट में गए थे, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

2007 में बनाई गई थी INX मीडिया कंपनी

  1. यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जहां साल 2007 से जुड़ी यह कहानी है। इसके डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्रानी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी थे। जहां आपको बता दें कि जब यह मामला हुआ था उस वक्त ही चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे। इसके तहत बताया गया है कि उस वक्त रिश्वत लेकर आईएनएक्स मीडिया हाउस को 305 करोड रुपए का फंड लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई गई थी।
  2. जिन कंपनियों को इस प्रक्रिया में फायदा हुआ था, उसे चिदंबरम के बेटे कार्ति चलाते थे। इस मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। जहां कार्ति पर भी यह आरोप है कि उन्होंने इंद्रानी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया था।

जाने की क्या है INX मीडिया मामला

इसके तहत सीबीआई और ईडी का आरोप है कि 13 मार्च 2007 को आईएनएक्स मीडिया में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोविजन बोर्ड से 4.62 करो रुपए के विदेशी निवेश की अनुमति मांगी। यह विदेशी निवेश मॉरीशस के तीन कंपनियों में आना था। इसके अलावा आपको बता दें कि आईएस मीडिया में अन्य स्रोतों से डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट को भी अनुमति मांगी गई। वह इसकी शुरुआत दे दी गई, लेकिन डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट से आने वाले विदेशी निवेश के प्रस्ताव को खारिज किया। जहां सीबीआई का आरोप है कि आई एन एक्स मीडिया इस 4.62 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश की मंजूरी लेकर ₹355 का विदेशी निवेश लिया। जब साल 2007 के दौरान कंपनी को निवेश की स्वीकृति दी गई थी। उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे। चिदंबरम तब जाकर जांच एजेंसियों के रडार पर आए, जब आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी से ईडी ने पूछताछ की।

INX मीडिया केस के मामले में जाने कब कब क्या हुआ:-

INX मीडिया केस के मामले में जाने कब कब क्या हुआ:-

15 may 2007- सीबीआई की प्राथमिकी दर्ज के बाद पी चिदंबरम पर अपने कार्यकाल के दौरान 305 करोड रुपए की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मंजूरी दी गई थी।

23 February 2018– INX मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। जहां जांच एजेंसी ने कार्ति को चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। इसके बाद चिदंबरम ने इस बात का खुलासा किया कि वित्त मंत्री रहते हुए 2007 उन्होंने खुद आईएनएक्स मीडिया को इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड की अनुमति दी थी। इसमें उनके बेटे या परिवार के किसी भी व्यक्ति का कोई भूमिका नहीं था।

12 march 2018- दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति को जमानत खारिज कर दी। इसके अलावा उन्हें 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और उन्हें तिहाड़ जेल में रखने का आदेश दिया गया।

23 march 2018- आखिरकार कार्तिक को हाई कोर्ट से जमानत मिली। जहां कोर्ट ने 10 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी। जहां उन्हें देश से बाहर जाने का निर्देश नही दिया गया था।

31 may 2018– पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाई। INX मीडिया केस में हाई कोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक आंतरिक रोग लगा दी। वह 6 जून को सीबीआई ने चार घंटे तक चिदंबरम से लंबी पूछताछ की।

25 July 21018– दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, जो लगातार बढ़ती ही गई।

3 august 2018– कार्ति आंतरिक जमानत के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार किया और उन्हें अमेरिका, फ्रांस और लंदन जाने की इजाजत दी।

25 October 2018– आईएनएक्स मामले में जांच एजेंसी ने पत्र दाखिल किया।

6 November 2018– दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम को गिरफ्तारी से 15 जनवरी तक आंतरिक राहत दी।

19 December 2018– चिदंबरम को ईडी के दफ्तर 305 करोड़ों रुपए के आई एन एक्स मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया।

फरवरी 2019– ईडी ने पी चिदंबरम से 5 घंटे की पूछताछ की।

19 august 2019– दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत से इनकार किया।

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