General Parenting & ChildCare

Top 10 parenting mistakes we should avoid

Top 10 parenting mistakes we should avoid
Written by admin

एक माता-पिता होने के नाते हमें हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। हर किसी की अलग-अलग पेरेंटिंग शैली हो सकती है,लेकिन इसमें एक बात का ध्यान देना होता है कि आप अपने बच्चों को जिम्मेदार और आत्म अनुशासित बनाने की कोशिश करें तो आज हम आपको उन टॉप 10 पेरेंटिंग गलतियों के बारे में बताएंगे जिसे नजरअंदाज करना चाहिए:-

Top 10 parenting mistakes we should avoid

एक माता-पिता होने के नाते हमें हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। हर किसी की अलग-अलग पेरेंटिंग शैली हो सकती है,लेकिन इसमें एक बात का ध्यान देना होता है कि आप अपने बच्चों को जिम्मेदार और आत्म अनुशासित बनाने की कोशिश करें तो आज हम आपको उन टॉप 10 पेरेंटिंग गलतियों के बारे में बताएंगे जिसे नजरअंदाज करना चाहिए:-

1. दूसरों के साथ तुलना करना

यह गलती अधिकतर पेरेंट्स द्वारा किया जाता है। जहां वह अपने बच्चों की ग्रेड की तुलना उनके सहपाठियों से करते हैं। हमेशा अपने बच्चों के सामने दूसरों को बेहतर बताना आपकी बच्चों की सोच पर भी असर करता है। यह उसके आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। इसलिए हमेशा अपने बच्चों को खुद में सही होने की प्रेरणा दें। ताकि कल को होके उसे किसी तरह की कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

2. ज्यादा लाड प्यार करना

ज्यादा लाड प्यार करना

बहुत अधिक लाड प्यार कई बार बुरा रूप ले लेती है। जिसकी वजह से आपके बच्चे को यह लगने लगता है कि वह हमेशा सही है जो उसका आत्मविश्वास बढ़ाता है। इसका कारण होता यह है कि बच्चे अपनी गलती को नहीं स्वीकार करना चाहते हैं, क्योंकि कई बार पेरेंट्स पता होने के बावजूद भी अपने बच्चों की गलतियों को नजरअंदाज करते हैं, जो उसे कल के लिए प्रोत्साहित करता है।
फिर वह कभी भी अपनी गलतियों से नहीं सीख पाएंगे।

3. कई बार उसके स्कूली जीवन को अनदेखा करना

कई बार उसके स्कूली जीवन को अनदेखा करना

कभी भी अपने बच्चों को यह महसूस ना होने दें कि आप उसके स्कूली जीवन को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं। इसलिए एक माता-पिता के लिए जानना बेहद जरूरी है कि आखिर आपके बच्चे स्कूल में क्या कर रहे हैं। इससे आपको वाकई में आपके बच्चों की सही गतिविधियों के बारे में पता चलेगा। जिसके हिसाब से उसे तैयार किया जाएगा और गलती पर समझाया जा सकता है।

4. बच्चे के सामने ना लड़े

बच्चे के सामने ना लड़े

हमने यह अक्सर फिल्मों में देखा है, लेकिन आपको हमेशा याद रखनी होगी कि कभी भी अपने बच्चों के सामने अपने साथी से लड़ाई ना करें, क्योंकि देखा यह गया है कि ऐसी परिस्थिति में एक बच्चे के दिमाग मे रिश्ते का विचार उसके घर पर विकसित होता है। जहां आपकी लड़ाई आपके बच्चों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। इस वजह से आने वाले समय में उसके भी आक्रामक व्यवहार नजर आ सकते हैं,जो कि पूरी तरह से गलत होंगे।

5. अपने बच्चों को बहुत सारे विकल्प देना

इस बात से हर बच्चे अनजान नहीं है, क्योंकि कई माता-पिता यह सोचते हैं कि उनके बच्चों के पास हमेशा अंतहीन विकल्प होने चाहिए, लेकिन वास्तविकता तो यह है कि बहुत से विकल्प होने के कारण आपके बच्चे सही तरह के रास्ते का चुनाव नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण वह भटक जाते हैं और कभी-कभी यह देखा गया है कि माता-पिता अपने बच्चों पर इतनी विकल्प थोप देते हैं कि बच्चों को पता ही नहीं चलता कि आखिर करना क्या है।

6. हमेशा अपने बच्चों की प्रशंसा करना

हमेशा अपने बच्चों की प्रशंसा करना

इस तरह की आदतों से बच्चे पूरी तरह से बिगड़ जाते हैं, क्योंकि ज्यादा प्रशंसा के कारण उनमें यह भाव पैदा हो जाता है कि वह हमेशा सही है। वह कभी भी कोई गलती नहीं कर सकते हैं। इसी मंशा से आज बच्चे अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। जिस बात का ध्यान उनके मां बाप भी नहीं रखते हैं।
इसलिए हर बार अपने बच्चों की तारीफ करके उसका मनोबल ना बढ़ाएं। उसे हमेशा और बेहतर करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

7. गुस्से में आके चिल्लाना

गुस्से में आके चिल्लाना

यह देखा गया है कि जब भी माता-पिता अपने बच्चों पर आवाज उठाते हैं तो यह उन्हें लड़ाई में डाल देता है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसी बातों को आराम से बैठकर तर्क वितर्क करके अपने बच्चों को समझाया जाए ताकि परिणाम सकारात्मक हो। इसी सबसे बड़ी बात यह होगी कि आपके बच्चे आपकी बात को सुनेंगे और आपके बताए हुए रास्ते पर चलना पसंद करेंगे।

8. बच्चों को दंडित करना

बच्चों को दंडित करना

यह बहुत जरूरी है कि एक माता-पिता को अपने बच्चों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेही बनना चाहिए, लेकिन उन्हें सजा देना यह किसी भी तरह का प्रभावित तरीका नहीं है। खासकर किसी भी तरह की शारीरिक दंड देना, क्योंकि अधिकतर बच्चों में देखा गया है कि जिन बच्चों को नियमित रूप से दंडित किया जाता है वह केवल अपने माता-पिता के निर्देशों और सभी अनुरोध का केवल डर के कारण पालन करते हैं।

9. अपने बच्चों पर अपने लक्ष्यों को पेश करना

हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए हमेशा सही सोचते हैं, लेकिन कभी-कभी वे इस तथ्य से अपना नजरिया खो सकते हैं कि उनके लिए सर्वश्रेष्ठ का अर्थ क्या है…….. इससे तात्पर्य है कि आपके माता-पिता अपने जीवन में जो मुकाम हासिल नहीं कर पाए वह चाहते हैं कि आप उसे पूरा करें। जैसे भी अपनी जवानी में थे आप भी बिल्कुल ऐसा ही बनो।जो उनकी मंशा होती है जो बच्चों के नजरिए से कोसों दूर होता है।

10. पर्याप्त समय न देना

पर्याप्त समय न देना

अगर एक मां बाप अपने बच्चों के लिए हर दिन एक निर्धारित समय निकालकर उनकी चीजों में रूचि दिखाते हैं, जिससे बच्चों को कुछ करने का आगे बढ़ने का हौसला मिलता है। हालांकि यह स्पष्ट हो सकता है कि माता-पिता को प्रभावी ढंग से दूसरों की देखभाल करने से पहले खुद की देखभाल करने की आवश्यकता होती है, ताकि वह सही तरीके से बच्चों को जाने और समय निकालकर उन्हें परखे।

इन बातों का भी खास रखें ध्यान:-

गुस्से में चिल्लाना

अधिक रक्षा करना

सजा देना

महत्वपूर्ण विषयों को जानने से रोकना

बच्चों को उनकी उम्र के लिए अनुचित बनाना

Leave a Comment