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Best Parenting tips: Importance of Parenting in childhood learning in Hindi 2019.

Best Parenting tips: Importance of Parenting in positive childhood learning in Hindi 2019.
Written by admin

Parents अपने बच्चे के विकास, में भागीदार होते हैं। Parents होने के रूप में आपके बच्चे के शिक्षा की प्रक्रिया को पूरी तरह समझना महत्वपूर्ण है।

Best Parenting tips

Best Parenting tips: Importance of parenting in positive childhood learning in Hindi 2019.

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6 4. Parenting Tips:- एक अच्छे रोल मॉडल बने (Being a good role model)
6.5 4. सांस लेना (Breathing)

Parenting Quotes:- Parenting is the easiest thing in the world to have an opinion about, but the hardest things in the world to do.

Parenting tips

Parents हर तरह से अपने बच्चे के विकास, शिक्षा में भागीदार होते हैं। एक parents होने के रूप में आपके बच्चे के विकास और सीखने की प्रक्रिया को पूरी तरह से समझना आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस वजह से आप अपने बच्चे की unique power और किसी भी तरह की weakness को जानने में सक्षम हो सकते हैं। इतना ही नहीं यह रास्ता आपके बच्चों को सफलता (success) की ओर भी ले जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि parents जब बच्चों में अधिक शामिल होते हैं तो बच्चे school में strong relationship बनाते हैं और उनके parents में self-confidence को बढ़ने में मदद मिलती है।

Best Parenting tips: माता पिता के कुछ अच्छे कौशल (Some parenting skills)

parenting skills

किसी भी parents के लिए यह parenting skill आसान नहीं होता है, लेकिन यह बात भी सच है कि कोई पूर्ण नहीं होता है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि हम उस लक्ष्य (target) के लिए काम नहीं करें। तो आइए अब हम आपको बताते हैं कि parents के आखिर कौन-कौन से parenting skill होनी चाहिए।

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1. Parenting Tips:- अपना प्यार दिखाओ (Show your love)

Love वह कला होती है, जिससे कोई भी आपका हो सकता है। अपने बच्चों को प्यार करने के लिए उन्हें गले लगाना उनके साथ समय बिताना और अपने बच्चों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से सुनना तरीका शामिल है। इस तरीके से आपके बच्चे हमेशा आपके पास रहेंगे और आपसे प्यार करेंगे।

2. Parenting Tips:- दूसरों की जरूरतों पर ध्यान देना सिखाएं (Teach to pay attention to the needs of others)

एक बच्चे की प्रवृत्ति की अगर बात करें तो वास्तव में बच्चों की खुशी तब होती है जब भी दूसरों को बलिदान देते हैं, क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से आम केंद्रित है हम अपनी जरूरतों के लिए दूसरों की जरूरतों को पहले देखते हैं। इतना ही नहीं इस तरह की प्रक्रिया से हमें खुशी मिलती हैं।

3. Parenting Tips:- अपने बच्चे की बात सुने (Listen to your child)

कभी भी इतने व्यस्त बिल्कुल ना रहे कि आपका बच्चा भी अपनी बात आपसे आकर ना कह सके। इसलिए हमेशा अपने बच्चों की बातों को ध्यान से सुने। कभी भी उनसे सवाल पूछना बंद ना करें कि वह आपको कितनी बार अनदेखा करते हैं। आप उनकी ऊंचाई से मेल खाने के लिए नीचे उतर सकते हैं।

4. Parenting Tips:- एक अच्छे रोल मॉडल बने (Being a good role model)

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप अपने बच्चों के सामने ऐसा कुछ भी ना करें, जो आप अपने बच्चों को नहीं सिखाना चाहते हैं, क्योंकि एक बच्चे के व्यवहार से उसके घर का हाल पता चलता है। इसके अलावा आप उन्हें कड़ी मेहनत, ईमानदारी, सच्चाई और सबसे बढ़कर जो है वह प्यार अवश्य सिखाएं।

Parenting Quotes:- “It is not what you do for your children but what you have taught them to do for themselves that will make successful human being”

शिशुओं का व्यवहार (Babies behaviour)

Babies behaviour

कई Parents को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि normal newborn babies कैसे behave करते हैं। जहां हम आपको babies के कुछ व्यवहारों से अवगत कराने जा रहे हैं जो आपको यह जानने में help करेगा कि आखिर babies behaviour किन परिस्थितियों में किस तरह का होता है।

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1. सोया हुआ (Sleeping)

आमतौर पर यह देखा जाता है कि new born babies 1 दिन में 20 घंटे की नींद लेते हैं, क्योंकि उनके पेट लंबे समय तक भरे रखने के लिए बहुत छोटे होते हैं। इसलिए उन्हें हर थोड़ी-थोड़ी अंतराल पर कुछ खिलाने की आवश्यकता होती है। लेकिन बता दे कि हर शिशु की नींद की आदतें थोड़ी थोड़ी अलग हो सकती है।

2. रोना (weeping)

एक शिशु दिनभर में कई बार रो सकता है। कई वजह हो सकती है जिसके कारण शिशू रोते हैं।जैसे कि भूख, थकान, गैस या किसी अन्य तरह की बीमारी इसके अलावा एक जरूरी बात बता दे कि New born babies के लिए हिचकी, जम्हाई, थूक और गुड़ खाना यह सभी एक आम बात है।

3. विजन (Vision)

इससे तात्पर्य है कि नवजात शिशु की आंखों को पार किया जा सकता है, क्योंकि ध्यान केंद्रित करना उनके लिए एक कठिन काम है। बता दे कि पहले कुछ महीनों तक उन्हें चीजों को एक फोन पर देखना आसान होता है। 2 से 3 महीने तक शिशुओं को अपनी आंखों की मांसपेशियों पर अधिक नियंत्रण होता है और वह वस्तुओं का पालन कर सकते हैं।

4. सांस लेना (Breathing)

नवजात शिशु के लिए अनियमित श्वास का अनुभव करना एक सामान्य बात नहीं है। यह तब होता है जब नवजात शिशु 5 से 10 सेकंड तक सांस लेना बंद कर देता है और फिर तुरंत अपने आप सांस लेना शुरू कर देते हैं। यह एक सामान्य बात है जो कि हर नवजात शिशुओं में ऐसा देखा जाता है।

Best Parenting tips: शिशुओं को सीख और शिक्षा (Babies learning and education)

Babies learning and education

3 साल तक आते-आते छोटे बच्चे इस दुनिया का अनुभव करना शुरू कर देते हैं। चुकी शिक्षा एक महत्वपूर्ण कौशल है, इसलिए यह आवश्यक होता है। आप बच्चों को Primary education के तौर पर Flash card पर Dots की संख्या का एहसास करा सकते हैं। इस तरीके से बच्चों को सही मायने में शिक्षा मिलती है। इसके अलावा आपको बता दें कि आप अपने बच्चों की cultural education को भी ignore ना करें। जहां आप उन्हें cultural activities से भी जरूर अवगत कराएं। जो बच्चे अपनी speaking skill develop करते हैं और विशेष रूप से learning capacity रखते हैं उनमें स्कूल शुरू करने से पहले अपने साथियों की तुलना में अधिक आत्म सम्मान होता है।

शिशुओं के लिए सही स्वास्थ्य और पोषण (Perfect Health and Nutrition for Babies)

Perfect Health and Nutrition for Babies

सही स्वास्थ्य सही पोषण हर किसी के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन यह बहुत जरूरी शिशु के लिए माना जाता है जो नवजात है, क्योंकि शुरू से ही यदि शरीर में सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्राप्त होते हैं तो ऐसे में हमारी शारीरिक और मानसिक रूप से हमारा सही विकास होता है और एक नवजात शिशु को इससे आगे के लिए क्षमता एवं शक्ति प्रदान की जाती है।

1. Breast feeding tips: दूध (Milk) how important for new born babies

एक complete nutrition के रूप में एक बच्चे के लिए breast feeding से बेहतर कोई पोषणीय विकल्प नहीं है। इसलिए माता को breast feeding के लाभों के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है। इस महत्वपूर्ण समय में मां के लिए healthy food को भी देखा जाता है। इसके बारे में एक मां को सही knowledge होना आवश्यक है।

2. गैर स्तनपान बच्चों को खिलाना (Feeding non-breastfed babies)

यदि आप अपने बच्चों को breast feeding नहीं करा रही है तो उसे अधिक बार खाने की आवश्यकता होगी। उसे दूध के उत्पादन सहित अन्य खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने की जरूरत होगी, ताकि उसे शरीर के सही पदार्थ एवं nutrition मिल सके। इसके साथ ही अपने बच्चे को 6 महीने की उम्र में ठोस आधार देना शुरू करना चाहिए।

3. Vitamins for Babies: विटामिन D है जरूरी (Vitamin D is important)

इसमें गाय का दूध शामिल है। जिसमें पूर्ण रूप से vitamin B पाया जाता है। स्तनपान कराए गए और बोतलबंद शिशुओं को तरल रूप में Vitamin D पूरक दिया जाना चाहिए। यह babies के जरूरतमंद तत्वों से सम्मिलित होता है। जिसमें यदि आप चाहे तो कुछ साबुत अनाज भी शामिल कर सकते हैं।

4. आयरन (Iron)

जब आप Vitamin C युक्त खाद्य पदार्थों के साथ लोहे से भरपूर पौधों के खाद पदार्थ खाते हैं तो लोहे के अवशोषण में सुधार होता है। इसलिए कहा जाता है कि अपने बच्चे के लिए अपने भोजन के विकल्प को मार्गदर्शन करने के लिए इन Vitamins and minerals पर ध्यान दें। Parents को ध्यान देना चाहिए की बच्चों को वैसे food materials दिया जाए जो बच्चे के विकास में योगदान देता है।

Parenting Quotes:- “To be in your children memories tomorrow. You have to be in their lives today.”

Parenting Tips: बच्चों पर पारिवारिक वातावरण (Role of Family environment on children)

Family environment on children

एक Family Environment से किसी भी शिशु का nature पता चलता है। जहां आपको बता दें कि बचपन से ही यह बेहद जरूरी होता है कि हम अपने बच्चों को सही तरह का Healthy family environment प्रदान करने की कोशिश करें।

  1. भूमि पानी या भोजन इन सभी तरह से एक बच्चा प्रभावित होता है। इसी तरह social environment जैसे यह school में और समुदाय में दूसरों के साथ संबंध……यह भी मायने रखता है कि घर पर बच्चे की निर्भरता की जरूरतों को परिवार अच्छी तरह से पूरा करती है या नहीं……. वही बच्चे के लिए आर्थिक रूप से प्रदान करने की परिवार की क्षमता भी महत्व रखती है।
  2. घर के बाहर की गतिविधियां जिनमें एक पुस्तकालय या चिड़ियाघर का दौरा करना पिकनिक पर जाना और खेल के कार्यक्रमों में भी भाग लेना शामिल है। इसके अलावा घर में बच्चों की किताबों की संख्या से भी पता चलता है।

अपने बच्चों की दिमागी शक्ति कैसे बढ़ाएं (How to increase your children’s brainpower)

Parenting guidance

बच्चों के brain power को बढ़ाना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहीं से जाकर वह आगे के लिए Active child बनते हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि बच्चे के Brain power को पूर्ण रूप से mind boost करने के लिए कौन-कौन से उपाय है।

1. जन्म से पहले बच्चों को एक आधी शुरुआत से (Children before birth from half a start)

Children before birth from half a start

इस से तात्पर्य है कि जब भी आप pregnant हो तब स्वस्थ रहें और इस बात से अवगत रहे कि कुछ medicine आपके बच्चे के मस्तिष्क के गहराई में विनाशकारी हो सकती है। इसके अलावा pregnancy के दौरान cigarette पीने से नुकसान पहुँचता है जिससे बच्चों पर बुरा असर पड़ता हैं, जो कि खतरनाक साबित हो सकता है।

2. ऐसे गेम खेले जिनमें हाथ शामिल हो (Play games that involve hands)

हमेशा ऐसे गेम्स खेलने की कोशिश करें, जो आपके बच्चों को companion मिले है और उसे पूरी तरह से आकर्षित करती है। इसमें पिकाबू, पार्टी केक खेल शामिल है। अपने हाथों का उपयोग करने से छोटे बच्चों को पता चलता है कि हम शारीरिक रूप से हमारे दुनिया के साथ आखिर कैसे बातचीत करते हैं।

3. ऐसे खिलौने चुने, जो बच्चों को बातचीत करने की अनुमति देता हो (Choose toys that allow children to interact)

ऐसे खेल के कारण बच्चों को काफी सही तरीके से सीखने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए यदि कोई बच्चा उन्हें सीधा किए बिना बहुत सारे ब्लॉक करता है तो वह नीचे गिर जाते हैं। इस तरह के तरीके के साथ आप अपने अपने बच्चों के लिए और भी अधिक सीखने का अवसर बनाते हैं।

4. जब बच्चा रोए तो तुरंत जवाब दें (Answer immediately when the baby cries)

जब भी आपको बच्चों के रोने की आवाज सुनाई पड़े तो इसे कभी भी नजरअंदाज ना करें,एवं इस पर तुरंत प्रभाव करना शुरू कर दें या फिर आप ऐसी स्थितियां चाहे तो उसे किसी तरह की लोरी या पोयम सुना कर चुप करा सकती है। यह बच्चों के मस्तिष्क को खुश एवं पूरी तरह से शांत करने में सफल है।

Know the newborn baby’s tendency to cry.

Know the newborn baby’s tendency to cry.

कई कारणों से एक new born baby रो सकता है जो कि यह बताना चाहता हो उसे कोई परेशानी है या फिर उसे कुछ चाहिए। जब आपका new born baby रोना बंद ना करें तो ध्यान रखें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि आप हमेशा अपने new born baby को आराम नहीं दे पाएंगे।

ऐसी state में सबसे जरूरी यह है कि आप उस बच्चे के साथ रहे या किसी भी situation में अपने बच्चे को हिलाए नहीं, क्योंकि एक बच्चे को हिलाने से उसके मस्तिष्क की क्षति हो सकती है। शायद यही वजह है कि बचपन में इस तरह की जानकारी के अभाव के कारण बच्चों में विकलांगता की परेशानियां उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा यदि आपको यह महसूस हो रहा है कि आपका बच्चा सामान्य से अधिक रो रहा है तो आप इसके लिए अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। हो सकता है आपका शिशु बीमार हो या कोई परेशानी हो सकती है।

नवजात शिशु में तरह-तरह की भावनाएं (Different types of emotions in a newborn)

Different types of emotions in a newborn

हर इंसान तरह-तरह की भावनाओं से बना हुआ होता है। फिर चाहे वह एक new born baby ही क्यों ना हो new born baby में भी कई तरह की भावनाएं होती हैं। जिसके माध्यम से वह अपनी बातों को कहने की कोशिश करता है।

1. गुस्सा (Angry)

new born baby गुस्सा तभी महसूस करता है। जब वह गीला, भूखा और थका हुआ महसूस कर रहा होता है। Baby के लिए यह जानना जरूरी है कि जब उसके पास यह संवेदनाएं होती है जो बाद में भावनाएं बन जाती है। 3 और 6 महीने के बीच के बच्चों की जैसे-जैसे यादें develop होती है वह जो कुछ भी सोचते हैं उसकी अपेक्षाएं बनने लगती हैं।

2. डर (Fear)

New born baby में ज्यादातर डर तब दिखाई देता है जब उसे कोई अजनबी चेहरा अपने पास बुलाने की कोशिश कर रहा हो। एक बार जब एक बच्चा अजनबीयों के बारे में जागरूकता विकास करता है तो वह उन लोगों को छोड़ने से डर की क्षमता विकसित कर सकता है। जिससे एक new born baby पूरी तरह परिचित रहता है।

3. खुशी (Happiness)

लगभग 3 महीने के बच्चे सामाजिक मुस्कान विकसित करते हैं एक बच्चा सबसे ज्यादा तुम मुस्कुराता है जब उसकी मन कि पसंदीदा या कोई आकर्षक भरी चीजे उसके पास दे दी गई हो। जिसमें बच्चा पूरी तरह से मग्न रहता है। ऐसी स्थिति में उनके खिलखिलाती हुए चेहरे की वजह बन जाती है जो चीज है उसने पहली बार देखी हो।

4. चिड़चिड़ा (Irritable)

एक new born baby को आप कई कारणों में चिड़चिड़ा देख सकते हैं। एक तो जब उसकी मां उस पर ध्यान ना दे रही हो और दूसरा जब वह बहुत भूखा या बहुत गीला महसूस कर रहा हो। ऐसे में irritation के कारण उसे गुस्सा आने लगता है। ऐसे में बच्चा जोर-जोर से चिल्ला कर रोता है।

अतिसक्रियता और असावधानी (Hyperactivity and inattention)

Hyperactivity and inattention

यदि parents अनुभव करते हैं कि उनका बच्चा बेचैन और सावधानिया आवेगी है तो उसे अपनी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति में उसे स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है या अपनी बारी का इंतजार करने में कठिनाई होती है। ऐसे में देखभाल करने वालों को ध्यान से सुनना चाहिए। वही बताया जाता है कि कुछ मामलों में HHD भी विकास के बहुत बाद में स्कूल शुरू करने के बाद स्कूल उम्र के बाद के समय में भी लक्षण में हो सकता है। यह परिप्रेक्ष्य अक्सर होता है लेकिन हमेशा सच नहीं होता।

शिशु का मानसिक स्वास्थ्य (Newborn mental health)

Newborn mental health

यह प्रारंभिक बचपन mental health जो की जन्म से लेकर उसके 5 वर्षों तक के छोटे मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाता है। बहुत छोटे बच्चों को अपने parents और करीबी देखभाल करने वालों से बहुत मदद की जरूरत है, ताकि वे सीख सके की स्वास्थ तरीकों से आखिर भावनाओं को व्यक्त करना कैसे सीख सकते हैं।

  • चोट लगने पर यह किसी भी तरह की परेशानी पर सबसे पहले अपने parents के पास आते हैं।
  • तलाशने के लिए अपने parents के साथ बातचीत करने और बाहर जाने के लिए बातचीत करता है।

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