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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
Written by admin

शनिवार को इस मुद्दे पर विराम देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुना दिया है। आपको यह जानकारी दे दे कि 6 अगस्त से 16 अक्टूबर तक इस मुद्दे पर 40 दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित कर लिया गया था।

Supreme Court

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

शनिवार को इस मुद्दे पर विराम देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुना दिया है। आपको यह जानकारी दे दे कि 6 अगस्त से 16 अक्टूबर तक इस मुद्दे पर 40 दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित कर लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एवं पांच जजों की बेंच ने विवादित जमीन पर रामलला का विराजमान माना है। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का भी आदेश दिया गया है।

माना जा रहा है कि इस फैसले के आने के बाद दशकों पुराने विवाद ख़त्म हो सकते हैं। वही फैसले आने से पहले सभी जगह पर हाई सिक्योरिटी की तैनाती कर दी गई थी। बल्कि कई जगह स्कूल एवं कॉलेज भी बंद करने के आदेश दिए गए थे।फैसला सुनाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत को धर्म और श्रद्धालुओं की आस्था को स्वीकार करना चाहिए, जहां दोनों पक्षों की दलील के बाद आखिर में एक स्थाई निर्णय सुनाया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के फैसले पे क्या कहा:-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 1856 से पहले हिन्दू भी अंदरूनी हिस्से में पूजा करते थे. रोकने पर बाहर चबूतरे की पूजा करने लगे. फिर भी मुख्य गुंबद के नीचे गर्भगृह मानते थे इसलिए रेलिंग के पास आकर पूजा करते थे.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अंदरूनी हिस्से में मुस्लिमों की नमाज बंद हो जाने का कोई सबूत नहीं मिला. अंग्रेज़ों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मुसलमान दावा करते हैं कि मस्ज़िद बनने से 1949 तक लगातार नमाज पढ़ते थे लेकिन 1856-57 तक ऐसा होने का कोई सबूत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 1934 के दंगों के बाद मुसलमानों का वहां कब्ज़ा नहीं रहा. वह जगह पर Exclusive Poseission साबित नहीं कर पाए हैं, जबकि यात्रियों के वृतांत और पुरातात्विक सबूत हिंदुओं के हक में हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चबूतरा,भंडार, सीता रसोई से भी दावे की पुष्टि होती है. हिन्दू परिक्रमा भी किया करते थे. लेकिन टाइटल सिर्फ आस्था से साबित नहीं होता.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 6 दिसंबर 1992 को स्टेटस को का ऑर्डर होने के बावजूद ढांचा गिराया गया लेकिन सुन्नी बोर्ड एडवर्स पोसेसन की दलील साबित करने में नाकाम रहा है. लेकिन 16 दिसंबर 1949 तक नमाज हुई. सूट 4 और 5 में हमें सन्तुलन बनाना होगा

अयोध्या विवाद के फैसले पर पीएम मोदी ने क्या कहा

Indian Prime Minister Narendra Modi

फैसला आने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज 9 नवंबर की तारीख हमे साथ रह कर आगे बढ़ने की सीख दे रही है। जहां पीएम मोदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि आज का दिन यह संदेश देता है कि हमें आपस में जुड़ा रहना चाहिए और मिलकर जीना चाहिए। जहां आज पूरी दुनिया ने यह देख लिया कि भारत की लोकतंत्र कितनी जीवंत और मजबूत है।

फैसले पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खत्म हुआ भगवान राम का बनवास

Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के फैसले के बाद कहा कि देश के सबसे पुराने मामले में फैसला देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने कहा की इस फैसले से भारत में विशाल संदेश जाएगा। योगी के आगे कहा कि अब भगवान राम का वनवास खत्म हो चुका है। अब आयोध्या को फिर से पुराना वैभव हासिल हुआ है। जहां इसकी चमक पूरी दुनिया में बिखरने जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें

★चीफ जस्टिस ने कहा- हम सर्वसम्मति से फैसला सुना रहे हैं। इस अदालत को धर्म और श्रद्धालुओं की आस्था को स्वीकार करना चाहिए। अदालत को संतुलन बनाए रखना चाहिए।

★ चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद बनवाई। धर्मशास्त्र में प्रवेश करना अदालत के लिए उचित नहीं होगा।

★ विवादित जमीन रेवेन्यू रिकॉर्ड में सरकारी जमीन के तौर पर चिह्नित थी।

★ राम जन्मभूमि स्थान न्यायिक व्यक्ति नहीं है, जबकि भगवान राम न्यायिक व्यक्ति हो सकते हैं।

★ विवादित ढांचा इस्लामिक मूल का ढांचा नहीं था। बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनाई गई थी। मस्जिद के नीचे जो ढांचा था, वह इस्लामिक ढांचा नहीं था।

★ ढहाए गए ढांचे के नीचे एक मंदिर था, इस तथ्य की पुष्टि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) कर चुका है। पुरातात्विक प्रमाणों को महज एक ओपिनियन करार दे देना एएसआई का अपमान होगा। हालांकि, एएसआई ने यह तथ्य स्थापित नहीं किया कि मंदिर को गिराकर मस्जिद बनाई गई।

★ हिंदू इस स्थान को भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं, यहां तक कि मुस्लिम भी विवादित जगह के बारे में यही कहते हैं। प्राचीन यात्रियों द्वारा लिखी किताबें और प्राचीन ग्रंथ इस बात को दर्शाते हैं कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि रही है। ऐतिहासिक उद्धहरणों से भी संकेत मिलते हैं कि हिंदुओं की आस्था में अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि रही है।

★ ढहाया गया ढांचा ही भगवान राम का जन्मस्थान है, हिंदुओं की यह आस्था निर्विवादित है। हालांकि, मालिकाना हक को धर्म, आस्था के आधार पर स्थापित नहीं किया जा सकता। ये किसी विवाद पर निर्णय करने के संकेत हो सकते हैं।

★ यह सबूत मिले हैं कि राम चबूतरा और सीता रसोई पर हिंदू अंग्रेजों के जमाने से पहले भी पूजा करते थे। रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्य बताते हैं कि विवादित जमीन का बाहरी हिस्सा हिंदुओं के अधीन था।

★ 1946 के फैजाबाद कोर्ट के आदेश को चुनौती देती शिया वक्फ बोर्ड की विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया। शिया वक्फ बोर्ड का दावा विवादित ढांचे पर था। इसी को खारिज किया गया है।

★ सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज किया। निर्मोही अखाड़े ने जन्मभूमि के प्रबंधन का अधिकार मांगा था। 

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