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How to get rid of the addiction to gadgets in children

Gadgets Addiction
Written by admin

Gadget बच्चों के लिए वह खिलौना बन गई है, बच्चों में बढ़ती Gadgets की मात्रा बच्चों की स्थिति को पूरी तरह से नष्ट कर रही है।

addiction to gadgets in children
Addiction to gadgets in children

बच्चों में गैजेट्स की लत को कैसे छुड़ाएं- Addiction to gadgets in children

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1 बच्चों में गैजेट्स की लत को कैसे छुड़ाएं- Addiction to gadgets in children

Gadget बच्चों के लिए वह खिलौना बन गई है, जो उनके व्यस्त रहने का एक जरिया है। जहां एक तरफ माता-पिता बच्चों के अंदर से यह Gadgets के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश करते हैं वहीं दूसरी ओर उनके बच्चे जो खाने से पहले मोबाइल और टीवी देखना पसंद करते हैं। वहीं बच्चों में बढ़ती गैजेट्स की मात्रा बच्चों की स्थिति को पूरी तरह से नष्ट कर रही है। बच्चों की क्रिएटिविटी से लेकर उनकी मानसिक विकास पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

इतना ही नहीं बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से इससे प्रभावित होती दिख रही है। जहां माता-पिता सभी टोटके आजमा चुके हैं, लेकिन उनके बच्चे हैं कि Gadgets को खुद से दूर करने का नाम नहीं लेते हैं। इसका एक और मुख्य कारण सोशल मीडिया के प्रचलन से भी है। जहां लोग नए-नए दोस्त, स्टेटस, नोटिफिकेशन के चक्कर में इतने ज्यादा उतावले रहते हैं कि हर एक-एक मिनट पर नई नई नोटिफिकेशन देखते हैं। जिस वजह से उनके समय की बर्बादी होती है।

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  1. गैजेट्स किस तरह बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है
  2. बच्चों में गैजेट्स की लत को छुड़ाने के कुछ आसान तरीके
  3. बच्चों में गैजेट्स की लत कैसे लगती है
  4. बच्चे किस गैजेट का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं
  5. गैजेट्स के दुष्प्रभाव क्या क्या है
  6. बच्चों के जीवन में गैजेट्स के आने के बाद क्या क्या परिवर्तन होते हैं

गैजेट्स किस तरह आपके बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है – Gadgets addiction affect the health of your children.

Gadgets addiction affect the health of your children.
Gadgets addiction affect the health of your children.

बच्चों में इसके कई ऐसे लक्षण दिखे हैं, जिससे हम यह अंदाजा लगा सकते हैं कि यह गैजेट के ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से है। आपको बता दें कि ऐसा देखा गया है कि जो भी बच्चे गैजेट का इस्तेमाल करते हैं उनमें मानसिक वृद्धि बाकियों के मुकाबले कम होने लगती है। वैसे बच्चे ना ही सही तरह से कहीं अपना ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और ना ही स्कूल में सही ऊर्जा के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कर पाते हैं और इस तरह से उनकी दुनिया एक छोटी सी गैजेट्स में ही सिमटी हुई रह जाती हैं। आपको बता दें कि खासतौर पर छोटे बच्चों को गतिविधियों के संतुलन की आवश्यकता होती है, जिसमें उन्हें शारीरिक खेलकूद, प्राकृतिक वातावरण की खोज एवं अन्य बातों से अवगत कराया जाता है।

वहीं अगर हम गैजेट्स के दूसरे पहलू को देखें तो यह कहीं ना कहीं बच्चों को बीमार भी बना रही है, जो देर रात तक गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं। फिर सुबह उठते ही सबसे पहले अपने मोबाइल फोंस को चेक करते हैं। यह बच्चों की नींद के साथ-साथ उनके अन्य सभी कामों को भी बाधित करता है।

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बच्चों में गैजेट्स की लत को छुड़ाने के आसान तरीके – Easy ways to get rid of the addiction of gadgets

ways to get rid of the addiction of gadgets
ways to get rid of the addiction of gadgets

आप इतनी आसानी से अपने बच्चों की इस लत को खत्म नहीं कर सकते। इसलिए आपको नियमित रूप से प्रयास करना होगा और बच्चों की सभी चीजों के बारे में सही तरीके से समझना होगा। जिसके लिए आप कुछ बताए गए महत्वपूर्ण बातों पर भी जरूर गौर कर सकते हैं:-

1. बच्चों की दिनचर्या को बदलें – Change children’s routine

बच्चों की दिनचर्या को बदलने के लिए आपके पास सटीक तरीके होने चाहिए। इसलिए अपने बच्चे को ऐसी गतिविधियों में शामिल करें,जिससे उसे आसानी से मोबाइल या किसी भी गैजेट को छोड़ना पड़े। इसके लिए आप उनके साथ कुछ समय भी बिता सकते हैं या कोई खेल खेल सकते हैं। इसके अलावा आप उन्हें खिलौने की अच्छी-अच्छी कलेक्शन लाकर भी आप उनकी गैजेट कि आदत से छुटकारा दिला सकते हैं।

2. बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें -Encourage to play outside

यदि बच्चे बाहर खेलते हैं तो इससे उनकी शारीरिक एवं मानसिक कौशल के विकास में मदद मिलती है। इसलिए गैजेट्स की लत को छुड़ाने के लिए यह प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है कि आप अपने बच्चों को बाहर खेलने जाने वाले सभी सामान उपलब्ध कराएं। इसके अलावा यदि संभव हो सके तो कुछ देर उनके साथ भी खेले एवं कुछ समय बिताएं फिर बच्चे धीरे-धीरे उस खेल में रुचि लेने लग सकते हैं।

3. बच्चों के साथ पढ़े – Read with children

पढ़ना वास्तविक में काफी मजेदार एवं आरामदायक होता है। इसलिए यदि जब आप बच्चों के साथ पढ़ते हैं तो यह और भी ज्यादा मजेदार हो जाता है। पढ़ाई के वक्त आप अपने बच्चों को ऐसी ऐसी बातें बताएं, जिसमें वह अपनी रुचि दिखा सके। यह बच्चों की शब्दावली को बढ़ाता है एवं उनके सोचने की क्षमता का विस्तार करता है, ताकि वह इस बारे में आगे तक सोच सकें।

4. ऑनलाइन गतिविधियों से अवगत कराएं – Make aware of online activities

ऑनलाइन बच्चे कुछ ऐसी चीजें इस्तेमाल करते हैं,जो अभी उनके लिए सही नहीं है। इसलिए खास रूप से माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में अवगत है या नहीं। इसके लिए बिना जानकारी के आप अपने बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में घुसने की अनुमति न दें, क्योंकि हो सकता है वह साइबर अपराधियों से तंग आ सकते हैं।

5. गैजेट्स को आसानी से उपलब्ध न कराए – Do not make gadgets easily available

यह माता-पिता को सुनिश्चित करना होता है कि आपके बच्चों को गैजेट्स आसानी से उपलब्ध ना हो। इसके अलावा आप उन पर नजर बनाए रखें कि वह गैजेट्स का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं। क्योंकि आपको बता दें कि इसे नजरअंदाज करने के काफी भयावह परिणाम हो सकते हैं। जिसमें नींद की समस्या, मानसिक स्वास्थ्य, मोटापा एवं कई ऐसे कारण शामिल है।

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बच्चों में गैजेट्स की लत कैसे लगती है –
How do children become addicted to gadgets

children become addicted to gadgets
children become addicted to gadgets

पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चे स्मार्ट और सक्रिय होते जा रहे हैं, लेकिन गैजेट्स का उपयोग करना यह बच्चों में कहीं से स्मार्टनेस नहीं दर्शाता है। आजकल बच्चे जितना खाना और दूध से खुश नहीं होते हैं उससे कहीं ज्यादा खुशी उनके चेहरे पर तब दिखती है जब किसी ने उनके हाथ में स्मार्टफोन थमा दिया हो और इसमें पूरी सच्चाई है कि कई माता-पिता ऐसा करते भी हैं।जब भी बच्चे रोते हैं तो वह उसे फोन दे देते हैं ताकि वह चुप हो जाए और उन्हें दोबारा परेशान ना करें तो यह लत तो आपने ही विकसित की है।

वहीं कुछ माता-पिता यह भी सोचते हैं कि टीवी, स्मार्टफोन, लैपटॉप के संपर्क में रहकर उनके बच्चे रचनात्मक और शैक्षिक उपयोग कर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता है। इसके अलावा बच्चों में गैजेट्स की लत लगने की मुख्य कारण यह भी है कि कोई ऐसा बच्चा जो काफी शर्मीला है और जिसके पास दोस्त नहीं है वह ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिसने ऑनलाइन हजारो दोस्त बनाए हो जो बदले में उसे बेहतर महसूस करा सकता है। जिस वजह से उनमें गैजेट्स के इस्तेमाल करने की भूख बढ़ती है।

बच्चे किस गैजेट्स का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं – Which gadgets do children use the most?

आज ऐसा दौर आ गया है, जहां बच्चे को गैजेट से दूर रखना काफी मुश्किल है, लेकिन आपको बता दें कि गैजेट्स अलग-अलग तरीकों से बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यही नतीजा है कि आज 2 साल के बच्चे भी फोन टच करना, स्वाइप करना यहां तक कि मोबाइल के लॉक को आसानी से खोल देते हैं तो आइए आपको कुछ ऐसे गैजेट्स बताते हैं जो आपके बच्चों के द्वारा ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं।

1. मोबाइल फोंस – Mobile phones

मोबाइल तो आजकल के बच्चों में एक ऐसी लत बन कर उभरी है, जिससे आप यह अनुमान भी नहीं लगा सकते हैं।शायद यही वजह है कि बच्चे स्कूल से वापस आने के बाद खाना बाद में वह पहले मोबाइल को ढूंढते हैं। यह एक ऐसी तकनीक बन गई है, जिसमें बच्चे घंटे व्यस्त रहो कभी थकते नहीं है, लेकिन वहीं 2 घंटे पढ़ने के बाद उनकी थकान देखने लायक होती है।

2. टीवी – Television

सोते उठते, आते-जाते बस एक स्विच ऑन किया और हाथ में रिमोट लिए बैठने यह जानते हुए कि टीवी उनके आंखों को नुकसान पहुंचाती है। इसके बावजूद वह टीवी के सामने बैठकर एकटक देखने से नहीं मानते हैं। किसका परिणाम कुछ सालों बाद यह होता है कि उनकी आंखों में चश्मा लग जाते हैं जो पूरी जिंदगी उनके साथ रहते हैं।

3. लैपटॉप – Laptop

यह बच्चों के लिए एक ऐसी तकनीक बन गई है जिससे वह सोते समय घंटों इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी रातों की नींद तो खराब होती ही हैं।इसके अलावा सुबह उन्हें किसी भी काम को करने में मन नहीं लग पाता है। यही वजह है कि बच्चे के स्वास्थ्य में नकारात्मक प्रभाव दिखने लगते हैं और उनकी दिनचर्या दिन-प्रतिदिन बदल जाती है।

4. टेबलेट – Tablet

टेबलेट आकार में ऐसा होता है, जिसे आप आसानी से लेकर सो सकते हैं एवं सोते हुए भी इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। यह खास एवं मुख्य गैजेट्स में से एक माना जाता है, जिसने बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। वही इसके इस्तेमाल से बच्चों की मांग एवं उनकी जीवनशैली में काफी परिवर्तन देखने को मिले हैं, जो जरूरत से कहीं ज्यादा गलत है।

गैजेट्स के दुष्प्रभाव क्या क्या है – What are the side effects of gadgets

1. समय की बर्बादी – Wastage of time

गैजेट्स का असर कुछ इस प्रकार होता है जब बच्चे अपने सभी कामों को कम महत्व देने लगते हैं और उन्हें समय के महत्व का पता नहीं चल पाता है, क्योंकि यह बच्चों के लिए काफी मजेदार माना जाता है। जहां उन्के ऑनलाइन नए-नए दोस्त उनके रोजाना जीवन का हिस्सा बन जाते हैं और बच्चे पूरे दिन इसी में लगे रहते हैं और पूरी दिन मोबाइल,लैपटॉप में समय खपत करते हैं।

2. आंखों पर बुरा असर – Bad eyesight

लंबे समय तक मोबाइल फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से बच्चे की आंखों पर बुरा असर पड़ता है। इस वजह से या तो उनकी आंखें लाल हो जाती है या आंखों में कई समस्या हो जाती है। जिससे बच्चों में बचपन से यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ने लगती हैं। इसलिए समय-समय पर इन गैजेट्स से दूरी बनाकर अवश्य रखें।

3. समाज से कटे रहना – Stay out of society

यह 100% बिल्कुल सच है कि जिन भी लोगों को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की लत लग जाती है, वह लोग गैजेट्स में इतने लीन हो जाते हैं कि उनकी वह अलग ही दुनिया बन जाती है। इलेक्ट्रॉनिक दुनिया में लोग ऐसा समझ लेते हैं कि उन्हें वहां रोकने वाला कोई नहीं है। इस वजह से उन्हें यह बिल्कुल खबर नहीं होती है कि समाज में या उनके आसपास क्या हो रहा है।

4. स्मरण शक्ति का कमजोर होना – Weakening of memory

काफी लंबे समय तक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग करने से आपको अनेकों बीमारी हो जाती है। जिसमें ज्यादातर लोगों की स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। जहां धीरे-धीरे स्थितियां यह हो जाती है कि उन्हें हाल की ही चीजें याद नहीं रहती है। वहीं जब बच्चे परीक्षा के समय याद करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें किसी भी चीज को याद करने में काफी परेशानी महसूस होती है।

गैजेट्स के आने के बाद बच्चों के व्यवहार में क्या-क्या परिवर्तन देखने को मिलते हैं – What changes are seen in children’s behavior after the arrival of gadgets?

changes are seen in children's behavior after the arrival of gadgets
changes are seen in children’s behavior after the arrival of gadgets

1. बच्चों की सोच एवं उनके पहनावे में काफी रूप से बदलाव आने लगता है।

2. कम उम्र में ही आंखों में चश्मे लग जाते हैं।

3. माता-पिता की बातों को नजरअंदाज करते हैं।

4. जीवन में गंभीरता धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।

5. बच्चे ज्यादा किसी की बातों को सुनना पसंद नहीं करते हैं।

6. शारीरिक गतिविधियां करने से कतराते हैं।

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